sherKuch Alfaaz

आबरू तो आबरू है आबरू पर क्या लिखूँ बस ख़ुदा ही है ये बिल्कुल हू-ब-हू पर क्या लिखूँ ये मुहब्बत चीज़ ही ऐसी बनी है बा-गज़ब हर कोई माइल है हर इक आरज़ू पर क्या लिखूँ