sherKuch Alfaaz
आज उस राह से गुज़री है नज़र आज फिर ख़्वाब को रोया मैं वहाँ ये सफ़र तो है इधर राह उधर आज फिर ज़ीस्त को खोया है यहाँ
Sanjay Bhat1 Likes
आज उस राह से गुज़री है नज़र आज फिर ख़्वाब को रोया मैं वहाँ ये सफ़र तो है इधर राह उधर आज फिर ज़ीस्त को खोया है यहाँ