sherKuch Alfaaz
आख़िरी ख़त पढ़ोगे जब मेरा तो ये फ़िक़रा तुम्हें रुला देगा भूल जाना 'शजर' को तुम अपने और तुम को 'शजर' भुला देगा
Shajar Abbas0 Likes
आख़िरी ख़त पढ़ोगे जब मेरा तो ये फ़िक़रा तुम्हें रुला देगा भूल जाना 'शजर' को तुम अपने और तुम को 'शजर' भुला देगा