sherKuch Alfaaz

आप की यादों को पलकों पे सजाया आज मैं ने आप की नज़रों से नज़रों को मिलाया आज मैं ने आप के होंठों को छूने की भी ख़्वाहिश उठ रही थी ये ख़ता करने से ख़ुद को ही बचाया आज मैं ने