Kuch Alfaaz

बर्फ़ में ख़ुद को बदल कर देखना फिर किसी सूरज पे चल कर देखना फेंक दो सर से ये चादर साए की धूप फिर चेहरे पे मल कर देखना दर्द फूलों का समझने के लिए काँटे हाथों से मसल कर देखना क़द हमारे साए का भी है बड़ा धूप से अपनी निकल कर देखना जंग कर लेना सभी अस्बाब से अपने रब से फिर मचल कर देखना अहमियत क्या है तिरे किरदार की ख़ुद कहानी से निकल कर देखना 'चाँद' का मुश्किल सफ़र कैसे लिखूँ आप ख़ुद पैरों पे चल कर देखना

WhatsAppXTelegram
Create Image