Kuch Alfaaz

बताना गर दिखें तुम को भटकते पाँव के छाले कई बरसों से ग़ाएब हैं हमारे पाँव के छाले किसी के पाँव में सूखे किसी की आँख के आँसू किसी की आँख में फूटे किसी के पाँव के छाले फ़लक के पार दर्शी फ़र्श पर कब से खड़ा कोई सितारे लग रहे हैं जो हैं उस के पाँव के छाले

Anant Gupta
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