Kuch Alfaaz

भले आधा अधूरा जी रहा है ये क्या कम है दीवाना जी रहा है कभी फ़ुर्सत मिले तो देख आ कर तेरा बीमार अच्छा जी रहा है जिसे मरता हुआ छोड़ा था तुम ने मेरे अंदर वो लड़का जी रहा है सभी को मौत का खटका है लेकिन जिसे आता है जीना जी रहा है कोई उस एक लम्हे में मरा था कोई वो एक लम्हा जी रहा है उसे तन्हा न समझा जाए 'काशिफ़' मोहब्बत में जो तन्हा जी रहा है

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