Kuch Alfaaz

दर्द-ए-दिल की दवा नहीं होती इश्क़ में इल्तिजा नहीं होती बना देने से डर जहन्नुम का बंदगी या ख़ुदा नहीं होती ज़िन्दगी बे-वफ़ा ही होती है मौत पर बे-वफ़ा नहीं होती कुछ तो गुज़री है तेरे दिल पे 'शाद' शा'इरी बेवजह नहीं होती

Shaad Imran
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