Kuch Alfaaz

एक भयानक तूफ़ाँ आया पूरा छप्पर उड़ा दिया लेकिन फिर मेरी हिम्मत ने सारा मंज़र उड़ा दिया जितना पैसा लाई थी वो हफ़्तों तक बर्तन धोके उस के शौहर ने इक दिन में दारू पी कर उड़ा दिया हार गए जब दुनिया के सब वीर बहादुर और राजा इक लड़के ने धनुष उठाया और स्वयंवर उड़ा दिया हैरानी से दंग हुए तब जादू देख रहे सब लोग एक कबूतर ने ग़ुस्से में जब जादूगर उड़ा दिया डूब चुके थे उस की आँखों में हम इतने, मत पूछो क्या बतलाएँ चिड़िया उड़ में हम ने बन्दर उड़ा दिया

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