Kuch Alfaaz

ग़ैरों को अब गले लगाओ, जाओ तुम को छोड़ दिया सब को मेरे ऐब गिनाओ, जाओ तुम को छोड़ दिया कैसा हूँ? किस हाल में हूँ? क्यूँ पूछ रही हो अब मुझ सेे? फिर से माथा मत ठनकाओ, जाओ तुम को छोड़ दिया किस सेे मिलने की ख़्वाहिश आँखों में भर कर आई हो? जाओ-जाओ, जल्दी जाओ, जाओ तुम को छोड़ दिया चाहा था कि नाम तुम्हारा साथ हमारे आएगा अब चाहे जिस की कहलाओ, जाओ तुम को छोड़ दिया हम ही कितने पागल थे जो तुम पर ग़ज़लें कहते थे अब मत कहना शे'र सुनाओ, जाओ तुम को छोड़ दिया

Kumar Vikas
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