Kuch Alfaaz

है कहाँ का इरादा तुम्हारा सनम किस के दिल को अदाओं से बहलाओगे सच बताओ के इस चाँदनी रात में किस से वा'दा किया है कहाँ जाओगे देखो अच्छा नहीं ये तुम्हारा चलन ये जवानी के दिन और ये शोख़ियाँ यूँँ न आया करो बाल खोले हुए वर्ना दुनिया में बदनाम हो जाओगे आज जाओ न बेचैन कर के मुझे जान-ए-जाँ दिल दुखाना बुरी बात है हम तड़पते रहेंगे यहाँ रात-भर तुम तो आराम की नींद सो जाओगे पास आओ तो तुम को लगाएँ गले मुस्कुराते हो क्यूँ दूर से देख कर यूँँ ही गुज़रे अगर ये जवानी के दिन हम भी पछताएँगे तुम भी पछताओगे बे-वफ़ा बे-मुरव्वत है इन की नज़र ये बदल जाएँगे ज़िन्दगी लूट कर हुस्न वालों से दिल को लगाया अगर ऐ 'फ़ना' देखो बे-मौत मर जाओगे

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