Kuch Alfaaz

हमारे दिल ने पुकारा है अब चले आओ ज़बाँ पे नाम तुम्हारा है अब चले आओ फ़ज़ा में दर्द का मंज़र है रात काली है अजीब हाल हमारा है अब चले आओ हमारे पास भला और है ही क्या सोचो बस एक ही तो सहारा है अब चले आओ तुम्हारे बा'द तुम्हारी हसीन यादों में हर एक लम्हा गुज़ारा है अब चले आओ ख़राब हाल ये कश्ती है डूब जाएगी तुम्हारा साथ किनारा है अब चले आओ

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