दूर तक फैले हुए एक घने जंगल में दो-शजर खींच के सायों को जहाँ मिलते हैं इस जगह धूप भी सूरज से मिला करती है ओढ़ कर शाम की फूलों-भरी चादर अक्सर जैसे दो शख़्स बिछड़ने के लिए मिलते हैं
Create Imageदूर तक फैले हुए एक घने जंगल में दो-शजर खींच के सायों को जहाँ मिलते हैं इस जगह धूप भी सूरज से मिला करती है ओढ़ कर शाम की फूलों-भरी चादर अक्सर जैसे दो शख़्स बिछड़ने के लिए मिलते हैं
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