Kuch Alfaaz

सर-निगूँ क़तार-बंद चींटियाँ आने वाले दिनों के लिए खाना जम्अ'' कर रहीं हैं आने वाले दिनों के बारे में सोच कर मेरा जी बैठा जाता है बेहतर है कि मैं भूक ही से मर रहूँ

Veneet Raja
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