Kuch Alfaaz

आसाँ हो मंज़िल का सफ़र ऐसी कोई राह बता हो जाए हर मुश्किल आसाँ ऐसी कोई तरकीब बता मुल्क में हो चैनो-अमन ऐसा कोई धरम बता ख़ुश रहे हर हाल में इंसाँ ऐसा कोई करम बता ख़ुदा तू छिपा है क्यूँँ अब तो अपना असर दिखा

Kumar Rishi
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