Kuch Alfaaz

"ऐसा ज़रूरी तो नहीं" तुम दिल की धड़कन हो मरता हूँ तेरी हर अदा पर तू ख़ूब-सूरत ही हो ऐसा ज़रूरी तो नहीं मैं चाहता हूँ तुझ को और रहोगी हमेशा मेरे दिल में बदले में तू भी मुझ को चाहे ऐसा ज़रूरी तो नहीं दिल नहीं लगता तुम्हारे बिना माना कि जिक्र नहीं करता पर तुम सेे मोहब्बत न हो ऐसा ज़रूरी तो नहीं बात हो भी जाए फिर भी तुम्हारी याद बहुत आती है तुम बिछर कर ही याद आओ ऐसा ज़रूरी तो नहीं एक दिन रच दूँगा इतिहास तेरी यादों के सहारे तू हर बार साथ ही रहे ऐसा ज़रूरी तो नहीं

Ritesh kumar
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