Kuch Alfaaz

"अजनबी" मोहब्बत का मेरे इंतिक़ाल हो गया उन के लिए मैं इक सवाल हो गया माना कि वो बे-वफ़ाई की मूरत थी पर शायद वो मेरी ज़रूरत थी अब वो आसमाँ हम ज़मीं बन गए ग़ैर हमराही हम अजनबी बन गए

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