Kuch Alfaaz

अमन का डमरू डम डम डम चैन की ढोलक ढम ढम ढम आओ बजाएँ तुम और हम झू में नाचें छम छम छम जब तक अपने दम में दम देस ये चमके चम चम चम गोली गोला और न बम आँसू आह न दर्द-ओ-अलम दहशत ख़ौफ़ न कोई ग़म ख़ुशियाँ बरसें झम झम झम झूम के गाएँ रम पम पम देस ये चमके चम चम चम गौतम की ता'बीर हैं हम ख़्वाजा की तफ़्सीर हैं हम नानक की तस्वीर हैं हम गाँधी जी की जागीर हैं हम हम से अम्न-ओ-अमाँ का दम देस ये चमके चम चम चम सुख दुख सब में साथी हम बाँटें ख़ुशियाँ बाँटें ग़म कभी न कोई आँख हो नम हम इक इक के हैं हम-दम हम से ख़ुशियों की झम झम देस ये चमके चम चम चम ऐसा कोई काम करें जग में इस को आम करें मेहनत सुब्ह-ओ-शाम करें दुनिया भर में नाम करें अपना ऊँचा हो परचम देस ये चमके चम चम चम मौला तेरा रहम-ओ-करम इस धरती पर हो हर दम रहे हमेशा मिट्टी नम फूल खिलाए हर मौसम साँसें महकें चहके दम देस ये चमके चम चम चम हर चेहरे पर फूल खिले हर माथे पर चाँद उगे आँख में इक इक दीप जले इक इक लब पर गीत सजे ढल जाए हर शाम-ए-ग़म देस ये चमके चम चम चम नफ़रत की दीवार गिरे रस्ते से बंदूक़ हटे कीना रंजिश बैर मिटे दहशत का हर शोर थमें रुक जाए ये धम धम धम देस ये चमके चम चम चम

Ghazanfar
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