अँधेरों से निकल के तुम मेरी बाँहों के उजाले में आ जाना ज़माना कितना भी रोके तुम को तुम छुपते छुपाते आ जाना आज नहीं तो कल तुम को मेरे पास ही है आना कल क्या हो किस ने देखा तुम आज ही मेरे पास आ जाना अँधेरों से निकल के तुम मेरी बाँहों के उजाले में आ जाना
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