अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस सिर्फ़ मजदूर दिवस भर न बताओ इनको मिल के सब लोग उठो हक़ भी दिलाओ इनको कितने मजबूर हुए आज ये भूखों मरते जो कि कर सकते नहीं काम ये वो भी करते भुखमरी फैल रही इस सेे बचाओ इनको मिल के सब लोग उठो हक़ भी दिलाओ इनको अब किसानों की सुनों माँगे सभी वाजिब हैं वत्न-ए-शागिर्द यही हैं व यही तालिब हैं अपनी गद्दी के लिए अब न रुलाओ इनको मिल के सब लोग उठो हक़ भी दिलाओ इनको देश में लाख युवा फिरते हैं रोज़ी ख़ातिर लूटते शाह हज़ारों उन्हें बनकर शातिर हाए अब और पकौड़े न तलाओ इनको मिल के सब लोग उठो हक़ भी दिलाओ इनको इन की मेहनत पे इमारत है खड़ी दुनिया की फिर भी गुस्ताख़ नज़र चुभती बड़ी दुनिया की अब नहीं और अधिक नीचा दिखाओ इनको मिल के सब लोग उठो हक़ भी दिलाओ इनको
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