Kuch Alfaaz

"अपना ख़याल रखना ज़रूरी है" न जाने क्या मज़बूरी है जो भूल गया इंसान अपना ख़्याल रखना ज़रूरी है गुज़र गया वक़्त काम में मेहनत की आँखों में गुरूरी है अब वक़्त आ पड़ा है हाँ! अपना ख़्याल रखना ज़रूरी है बिता कर वक़्त साथ ख़ुदके करनी दूर सारी दुरी है अब अपना ख़्याल रखना ज़रूरी है पास नहीं है, एक लम्हा हुआ दूर हुए अब मिल कर मुकम्मल करनी पूरी मुलाक़ाते जो रही अरर्सो से अधूरी है हाँ! अब अपना ख़्याल रखना ज़रूरी है न जाने क्या मज़बूरी है जो भूल गया इंसान अपना ख़्याल रखना ज़रूरी है

Sohail Memon
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