Kuch Alfaaz

"और कोई" ये शोर में भी ख़ामोशी जो अकेला हूँ में, या साथ कोई ये साया जो, हूँ में ढूँढ़ता ये तू ही है, या और कोई मौसम जो ये, गुज़रा बगल से बरसात थी, या बूंद कोई हूँ बे-ख़बर, थोड़ा खोया सा ये में ही हूँ, या और कोई

Sarvesh Rodi
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