“ऐ मेरे दिल” तुझे जीना था लेकिन मर गया है मुझे मरना था लेकिन जी रहा हूँ ऐ मेरे दिल तेरी मय्यत पे अब मैं शराब-ए-ग़म ख़ुशी से पी रहा हूँ बिना मुझ सेे कहे तन्हा अकेले बहुत से हादसे तू ने हैं झेले हुई हैं लाख आँखें मेरी नम पर दिया बस साथ तू ने हर क़दम पर करूँँॅं मैं शुक्रिया जितनी दफ़ा भी रहेगा तेरे एहसानों से कम ही तू तो आज़ाद ग़म से हो गया है मगर इक दोस्त मैं ने खो दिया है तू कर आने का वापस वा'दा मुझ से कि अगले ज़न्म फिर दिल मेरा बन के मेरा मन है कि खुल के रोऊँ लेकिन बड़ी मुश्किल से लब को सी रहा हूँ ऐ मेरे दिल तेरी मय्यत पे अब मैं शराब-ए-ग़म ख़ुशी से पी रहा हूँ कोई इल्ज़ाम अब किसपर धरुँगा मैं किस के साथ रातों में बहूँगा मेरी मानो मैं सब सच कह रहा हूँ ये किस का वास्ता देकर कहूँगा बहुत सी झूठी क़स में तेरी खाया तुझे हर बार सूली पर चढ़ाया किया है मैं ने इस्ते'माल तेरा मुझे जब जैसे जितना जी में आया हो मुमकिन तो मेरा इंसाफ़ कर दे ऐ मेरे दिल मुझे तू माफ़ कर दे तुझे ग़म देने वाले मुजरिमों में मुझे अफ़सोस है मैं भी रहा हूँ ऐ मेरे दिल तेरी मय्यत पे अब मैं शराब-ए-ग़म ख़ुशी से पी रहा हूँ
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