Kuch Alfaaz

बारिशों बा'द बारिशों बा'द तुम्हारी धुली धुली ख़ुशबू किसी ने आज सजाया है तुम को रंगों में आसमानों में परिंदों की आवा-जाही बहुत मसरूफ़ बादलों के बा'द आसमानी रंगों में तुम एक वा'दा हो मैं ने निभाया है तुम्हें बारिशों बा'द तुम्हारी

Sarul
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