बड़े पावन हृदय हैं नहीं चिंतित वो जिन को ध्यान सुब्ह-ओ-शाम रहते हैं बड़े पावन हृदय हैं जिन में खाटू श्याम रहते हैं गँवाने का न डर होगा न होगी चाह पाने की जो खाटू आ गए वो पा गए मस्ती ख़ज़ाने की ख़ुमारी पा के भी सतनाम की जो आम रहते हैं बड़े पावन हृदय हैं जिन में खाटू श्याम रहते हैं जो पा लो श्याम को तो और क्या पाना ज़रूरी है कि उन का पूर्ण चित से ध्यान करना भी हुज़ूरी है शरण आए जो उन की वो उन्हें फिर थाम रहते हैं बड़े पावन हृदय हैं जिन में खाटू श्याम रहते हैं
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