Kuch Alfaaz

"बदले" माह भी बदले साल भी बदले वक़्त भी बदले ख़्याल भी बदले चाह भी बदले दर्द है आख़िर राह भी बदले हम कहे अब क्या लाह भी बदले सोच है बस ये जाह भी बदले शाह भी बदले बाह भी बदले हद हुआ ये की नाह भी बदले दिवस भी बदले उमस भी बदले है नहीं कुछ हाँ बदलने को अब अब कहे हम क्या अब यही ले लो बात भी बदले रात भी बदले साथ भी बदले हाथ भी बदले है कहा हम ने तो सही ही अब तुम भी बदले

Raunak Karn
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