Kuch Alfaaz

बहस तो अपनी है ही नहीं ताक़त वालों से सारे दावे उन के अलग हैं अपनी दलीलें अलग सी हैं वो कहते हैं उन का क़हर क़यामत बन कर कड़केगा हम कहते हैं मौत का खेल हमें जी जान से प्यारा है और इस खेल के होते हुए बस्ती में उजयारा है

Yahya Amjad
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