Kuch Alfaaz

"बरहना कर लो" लिखा होता है बाग़ीचों में कि फूल तोड़ना मना है इस लिए लोग फूल नहीं तोड़ते फिर भी लोग फूल के क़रीब जाते हैं ताकि ख़ूबसूरती को और अच्छे से निहार सकें पर फूल को लिबास में ढक देंगे तो बहुत दिक़्क़त होगी वे जो फूल को नहीं तोड़ते वे भी फूल से कहेंगे कि लिबास को हटा लो जो अधीर होंगे वे लिबास को ख़ुद हटा देंगे मैं तुम्हारे मन की आवाज़ सुन रही हूँ पर अक्रिय हूँ अब तुम्हारा मन तुम से कह रहा है कि नंगा कर लो

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