Kuch Alfaaz

"बे-वफ़ा सनम" कभी किसी बे-वफ़ा से वफ़ा कर के तो दिखा किसी जाते हुए के लिए, आँखें भरके तो दिखा जीना तो बहुत आसान होता, है किसी के लिए मगर किसी मरते हुए के लिए, जाना मर के तो दिखा मुझे तेरी क़सम मोहब्बत के लिए अपना नज़रिया , बदल दूँगा मुझे किसी एक, से वफ़ा कर के तो दिखा और कैसे मान ले हम, तेरी शीशा -गरी के हुनर को जाना इस टूटे दिल को फिर से, ज़िन्दा कर के तो दिखा

Prince
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