Kuch Alfaaz

मौजूदगी बिन तेरी याद आँख में लिए मैं अँधेरी रात नहीं करता सब भूल कर पी लेता हूँ मगर ये मैं तेरी बात नहीं करता तू मेरा वो इक ख़्वाब है जिस को इक उम्र जिया था मैं ने इक दर्द है नाम जिस का ख़ुशियों से पहले लिया था मैं ने तू वो टूटी हुई ख़्वाहिश है जिस के टुकड़ों को जोड़ रखा है तू ही मेरा वो दिल है जो अपने हाथों से तू ने तोड़ रखा है मेरे लिए हर प्रेम गीत के सब अश'आर तेरे नाम पे हैं तेरी तस्वीर से मेरी बीनाई है हाथ लिखने के काम पे हैं तेरे न होने के सबब मैं मौत की ख़्वाहिश कर लेता हूँ तेरे आश्कार की उम्मीद तले मैं जीते जी मर लेता हूँ

Chetan
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