"बूढ़ा" हर माँ अपनी कोख से अपना शौहर ही पैदा करती है मैं भी जब अपने कंधों पर बूढ़े मलबे को ढो ढो कर थक जाऊँगा अपनी महबूबा के कँवारे गर्भ में छुप कर सो जाऊँगा हर माँ अपनी कोख से अपना शौहर ही पैदा करती है
Create Image"बूढ़ा" हर माँ अपनी कोख से अपना शौहर ही पैदा करती है मैं भी जब अपने कंधों पर बूढ़े मलबे को ढो ढो कर थक जाऊँगा अपनी महबूबा के कँवारे गर्भ में छुप कर सो जाऊँगा हर माँ अपनी कोख से अपना शौहर ही पैदा करती है
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