Kuch Alfaaz

चाँद - एक प्रेमी बिंदु जब भी कभी मैं चाँद को देखता हूँ तो मुझे ये महसूस करना अच्छा लगता है की तुम भी चाँद को देख रही हो तुम ये जानती हो हम दोनों की निगाहें हम से आसमाँ तक एक पुल की तरह हैं और एक अदृश्य रेखा है जो तुम्हें और मुझे जोड़ती है और भले ही हम एक दूसरे से मीलों दूर है मगर हम चाँद पर मिल सकते हैं

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