"दिल की बात शा'इरी" लोगों के साथ दो पल बैठ कर बतलाना है जो जिस की गति धीमी है उसे भी अपने साथ दौड़ाना है ख़ुशी के साथ सारा जीवन बिताना है जिस मिट्टी से निकले थे फिर उसी में राख बनकर लौट जाना है मन कहता है कि सीधी राह जाना है
Create Image"दिल की बात शा'इरी" लोगों के साथ दो पल बैठ कर बतलाना है जो जिस की गति धीमी है उसे भी अपने साथ दौड़ाना है ख़ुशी के साथ सारा जीवन बिताना है जिस मिट्टी से निकले थे फिर उसी में राख बनकर लौट जाना है मन कहता है कि सीधी राह जाना है
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