जान मुझे अफ़्सोस है तुम से मिलने शायद इस हफ़्ते भी न आ सकूँगा बड़ी अहम मजबूरी है जान तुम्हारी मजबूरी को अब तो मैं भी समझने लगी हूँ शायद इस हफ़्ते भी तुम्हारे चीफ़ की बीवी तन्हा होगी
Create Imageजान मुझे अफ़्सोस है तुम से मिलने शायद इस हफ़्ते भी न आ सकूँगा बड़ी अहम मजबूरी है जान तुम्हारी मजबूरी को अब तो मैं भी समझने लगी हूँ शायद इस हफ़्ते भी तुम्हारे चीफ़ की बीवी तन्हा होगी
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