Kuch Alfaaz

मुझे ना समझने वाले कुछ ना समझने वाले अक्सर मिलते हैं और आगे भी मिलते रहेंगे देखो तुम्हारे होने ना होने से कोई ख़ास फ़र्क़ नहीं आया इन की बे-रुख़ी अक्सर तुम्हारी शक्ल ले लेती है और मुझे तुम्हारी कमी का ज़रा भी एहसास नहीं होता काश तुम्हें भी कुछ ऐसे पागल लोग मिलें जो तुम्हें समझने की ज़िद में और पागल हुए जा रहे हों और तुम एक आम वाक़िआ'' समझ के भूल जाओ मुझे

WhatsAppXTelegram
Create Image