Kuch Alfaaz

आह से कराह की है चाह पर हूँ चुप अब फ़क़त है दर्द से निबाह पर हूँ चुप कर दिया है क़त्ल मैं ने आप को कहीं और हूँ मैं आप ही गवाह पर हूँ चुप

WhatsAppXTelegram
Create Image