Kuch Alfaaz

आइना क्यूँँ ख़रीद कर रक्खें जब सँवरने का दिल नहीं करता इश्क़ ही था जो दिल से करते थे वो भी करने का दिल नहीं करता

Mohit Dixit
WhatsAppXTelegram
Create Image