Kuch Alfaaz

आपने हम सेे दग़ाबाज़ी की है तो अब हम कुछ भी हो जाए पर अब यार नहीं हो सकते कशमकश ख़त्म हो जीने की 'मैं चाहता हूँ' सब मेरे जैसे तलबगार नहीं हो सकते

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