Kuch Alfaaz

आस-पास देखा था मैं ने फूट के रोने से पहले जैसे कोई जेबें देखे कपड़े धोने से पहले हम तकिए के नीचे रखते हैं यूँँ तेरी तस्वीरें जैसे सिरहाने रखते हैं पानी सोने से पहले

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