अब 'अख़्तर' तुम्हें कैसे मनाएं तुम हर बात पर ही बिगड़ रही हो अच्छा! तो तुम को भी इश्क़ है मुझ से देखो तुम सच मुच मुझ से झगड़ रही हो
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