Kuch Alfaaz

अब के हम तर्क-ए-रसूमात कर के देखते हैं बीच वालों के बिना बात कर के देखते हैं इस सेे पहले कि कोई फ़ैसला तलवार करे आख़िरी बार मुलाक़ात कर के देखते हैं

Abrar Kashif
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