ghazalKuch Alfaaz
तन्हा तन्हा मत सोचा कर मर जाएगा मत सोचा कर प्यार घड़ी भर का ही बहुत है झूठा सच्चा मत सोचा कर जिस की फ़ितरत ही डसना हो वो तो डसेगा मत सोचा कर धूप में तन्हा कर जाता है क्यूँ ये साया मत सोचा कर अपना आप गँवा कर तू ने पाया है क्या मत सोचा कर दुनिया के ग़म साथ है तेरे ख़ुद को तन्हा मत सोचा कर राह कठिन और धूप कड़ी है कौन आएगा मत सोचा कर वो भी तुझ से प्यार करे है फिर दुख होगा मत सोचा कर मान मेरे 'शहज़ाद' वगरना पछताएगा मत सोचा कर
Farhat Shahzad2 Likes







