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हमें भी वक़्त ने पत्थर सिफ़त बना डाला हमीं थे मोम की सूरत पिघलने वाले लोग सितम तो ये कि हमारी सफ़ों में शामिल हैं चराग़ बुझते ही ख़ेमा बदलने वाले लोग
Iqbal Ashhar15 Likes
हमें भी वक़्त ने पत्थर सिफ़त बना डाला हमीं थे मोम की सूरत पिघलने वाले लोग सितम तो ये कि हमारी सफ़ों में शामिल हैं चराग़ बुझते ही ख़ेमा बदलने वाले लोग
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