sherKuch Alfaaz
ख़्वाब पलकों की हथेली पे चुने रहते हैं कौन जाने वो कभी नींद चुराने आए मुझ पे उतरे मेरे अल्हाम की बारिश बन कर मुझ को इक बूॅंद समुंदर में छुपाने आए
Khalil Ur Rehman Qamar42 Likes
ख़्वाब पलकों की हथेली पे चुने रहते हैं कौन जाने वो कभी नींद चुराने आए मुझ पे उतरे मेरे अल्हाम की बारिश बन कर मुझ को इक बूॅंद समुंदर में छुपाने आए
More moods that pair well with Khalil Ur Rehman Qamar's sher.
Our suggestions based on Khalil Ur Rehman Qamar.