वा'दा झूटा कर लिया चलिए तसल्ली हो गई है ज़रा सी बात ख़ुश करना दिल-ए-नाशाद का
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Dagh Dehlvi
@dagh-dehlvi
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Ghazal
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Nazm
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
ना-उमीदी बढ़ गई है इस क़दर आरज़ू की आरज़ू होने लगी
sherKuch Alfaaz
मिलाते हो उसी को ख़ाक में जो दिल से मिलता है मेरी जाँ चाहने वाला बड़ी मुश्किल से मिलता है
sherKuch Alfaaz
हाथ रख कर जो वो पूछे दिल-ए-बेताब का हाल हो भी आराम तो कह दूँ मुझे आराम नहीं
sherKuch Alfaaz
फ़क़त नब्ज़ से हाल ज़ाहिर न होगा मेरा दिल भी ऐ चारा-गर देख लेना
sherKuch Alfaaz
आशिक़ी से मिलेगा ऐ ज़ाहिद बंदगी से ख़ुदा नहीं मिलता
sherKuch Alfaaz
रहा न दिल में वो बे-दर्द और दर्द रहा मुक़ीम कौन हुआ है मक़ाम किस का था
sherKuch Alfaaz
ख़ुदा रक्खे मोहब्बत ने किए आबाद दोनों घर मैं उन के दिल में रहता हूँ वो मेरे दिल में रहते हैं
sherKuch Alfaaz
आइना देख के कहते हैं सँवरने वाले आज बे-मौत मरेंगे मिरे मरने वाले
sherKuch Alfaaz
लिपट जाते हैं वो बिजली के डर से इलाही ये घटा दो दिन तो बरसे
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