दरअस्ल मैं ने मशक़्क़त नहीं मोहब्बत की हथेलियों पे नहीं मेरे दिल पे छाले है

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Ismail Raaz
@ismail-raaz
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7
Sher
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Ghazal
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Nazm
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
ज़रा सी देर को सकते में आ गए थे हम कि एक दूजे के रस्ते में आ गए थे हम
sherKuch Alfaaz
जो अपना हिस्सा भी औरों में बाँट देता है इक ऐसे शख़्स के हिस्से में आ गए थे हम
sherKuch Alfaaz
हाथ वो कल किसी के हाथ में था और उस हाथ में घड़ी थी मेरी
sherKuch Alfaaz
दर्द ऐसा नज़र-अंदाज़ नहीं कर सकते जब्त ऐसा की हम आवाज नहीं कर सकते
sherKuch Alfaaz
बात ऐसी भी भला आप में क्या रक्खी है इक दिवाने ने ज़मीं सर पे उठा रक्खी है
sherKuch Alfaaz
तेरी गली को छोड़ के पागल नहीं गया रस्सी तो जल गई है मगर बल नहीं गया
sherKuch Alfaaz
मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
sherKuch Alfaaz
मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी
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