मिला था जिस बग़ीचे में वो अब शमशान लगता है मुहब्बत ने ये कैसे दिन दिखाए हैं मुहब्बत में

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"Nadeem khan' Kaavish"
@kaifiyat_e_kalam__786
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Nazm
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
मौत से मिलना है मुझ को पूछना है इक पता वो पता जो मौत भी देने में शर्मा जाएगी
sherKuch Alfaaz
है जन्नत में सारी ही नेमत ख़ुदा की मुझे भी बताओ ये जन्नत कहाँ है
sherKuch Alfaaz
यहाँ अब कौन दिल का कायल है ,बता हाँ कुछ लिबास होते तो कुछ बात थी
sherKuch Alfaaz
यार तेरी चीज़ सब हम ने हटा दी इस नज़र से फेंक आया वो घड़ी भी जो कि लाई थी शहर से
sherKuch Alfaaz
यार अब तो काफ़ी ज़्यादा सज गई हो फिर भी तुम को हम पुरानी लिख रहे हैं
sherKuch Alfaaz
तुम ने जिन-जिन को सताया है किधर जाएँगे तेरे साए भी सताएँगे, जिधर जाएँगे
sherKuch Alfaaz
तेरे ख़ातिर जहाँ डूबा वो दरिया भी किनारा था
sherKuch Alfaaz
तेरे दिल की इक ये बस्ती, पहले उस इक राजा की थी जिस ने तेरे नाम पर, जंगें भी बे-अंदाज़ा की थी
sherKuch Alfaaz
"शहीद-ए-आज़म भगतसिंह" आँखों में वो आँसू नहीं
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