मैं उस के बा'द सिर्फ़ इन्हीं कोशिशों में हूँ गर्दन से उस के नाम का टैटू निकल सके

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Kushal Dauneria
@kushal-dauneria
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Sher
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Ghazal
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
वो शख़्स सालों बा'द भी कितना हसीन है वो रंग कैनवस पे कभी डल नहीं हुआ
sherKuch Alfaaz
यहाँ तुम देखना रुतबा हमारा हमारी रेत है दरिया हमारा
sherKuch Alfaaz
जँचने लगा है दर्द मुझे आप का दिया बर्बाद करने वाले ने ही आसरा दिया
sherKuch Alfaaz
हज़ारों मन्नतों पर भी कोई बोसा नहीं मिलता किसी सूरत में उस कंजूस के बटुए नहीं खुलते
sherKuch Alfaaz
इशारा कर रहे हैं बाल ये बिखरे हुए क्या तू मेरे पास आया है कहीं होते हुए क्या
sherKuch Alfaaz
या'नी कि इश्क़ अपना मुकम्मल नहीं हुआ गर मैं तुम्हारे हिज्र में पागल नहीं हुआ
sherKuch Alfaaz
ये वो क़बीला है जो हुस्न को ख़ुदा माने यहाँ पे कौन तेरी बात का बुरा माने
sherKuch Alfaaz
तारीख़ आ गई है उधर कार्ड छप गए अब कब कहेगी तुझ को वो लड़का नहीं पसंद
sherKuch Alfaaz
सारे का सारा तो मेरा भी नहीं और वो शख़्स बे-वफ़ा भी नहीं
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