छुआ है तुम ने भी इक रोज़ हम को ये ख़ुशबू देर तक महका करेगी
Writer
Ritesh Rajwada
@ritesh-rajwada
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Sher
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Ghazal
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Nazm
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
ज़्यादा मीठा हो तो चींटा लग जाता है सच्चे इश्क़ को अक्सर बट्टा लग जाता है
sherKuch Alfaaz
तेरा पीछा करते करते जाने क्यूँ मैं दुनियादारी से पीछे छूट गया
sherKuch Alfaaz
हर ख़ुशी मुस्कुरा के कहती है दर्द बनकर छुपे हुए हो तुम
sherKuch Alfaaz
जब भी माँगूँ तेरी ख़ुशी माँगूँ और दुआएँ ख़ुदा तलक जाएँ
sherKuch Alfaaz
तुम्हारे साथ जो देखे थे मैं ने वो सारे ख़्वाब बाग़ी हो रहे हैं
sherKuch Alfaaz
कहा था क्या और क्या बने हो अजब सा इक मसअला बने हो
sherKuch Alfaaz
यार माँगा था मोहब्बत की दुआ माँगी थी और इस दिल के हिफ़ाज़त की दुआ माँगी थी
sherKuch Alfaaz
वो आँखें चुप थीं लेकिन हँस रही थीं मेरा जी कर रहा था चूम लूँ अब
sherKuch Alfaaz
जिन रस्तों से तुम गुज़रे हो उन रस्तों को ईद मुबारक़
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