ये तो बस मेरा मुक़द्दर नईं सही वरना कोई ऐब नईं “दीवानी“ में
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karan singh rajput
@shayarkaran
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
ये कैसा जादू तू ने कर दिया है मुझ पे मेरी जाँ? किसी को भी मैं देखूँ चेहरा तेरा याद आता है
sherKuch Alfaaz
ये इश्क़ का सफ़र तो ठीक पर रास्ता अजीब है
sherKuch Alfaaz
यही इक खासियत है मुझ में शायद
sherKuch Alfaaz
याद तुम को भी बहुत आएँगे हम बे-सबब जिस रोज़ मर जाएँगे हम
sherKuch Alfaaz
वो लाख था बुरा दुनिया की नज़र में पर उस ने बुरा कभी भी हमारा नहीं किया
sherKuch Alfaaz
वही गुज़रेगी आख़िर में 'करन' मुझ पर जो गुज़री आज तक हर एक आशिक़ पे
sherKuch Alfaaz
उस सेे शिकायत होती है जिस सेे मुहब्बत होती है
sherKuch Alfaaz
तू ने ही तो चाहा था के मैं तेरा बनके रहूँ बस मैं ने सो तेरी ख़ुशी के वास्ते हर शय भुला दी
sherKuch Alfaaz
तुझे गर शर्म आती है पुराने इन लिबासों पे तो मेरी जाँ सड़क पे लोगों को तू बे-लिबादा देख
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